Vedobi - क्या होती है ईसबगोल? जानें, इसके फायदे और उपयोग
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"न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते।" (Bhagavad Gita, Chapter 4, Verse 38)

“There is nothing as purifying in this world as knowledge.”

क्या होती है ईसबगोल? जानें, इसके फायदे और उपयोग

क्या होती है ईसबगोल? जानें, इसके फायदे और उपयोग

2022-03-17 12:42:34

ईसबगोल एक झाड़ीनुमा पौधा है। जो देखने में गेहूं के पौधे की तरह होता है। इस पौधे के सिरों में गेहूं की तरह बालियां लगती हैं। इसके बीजों के ऊपर सफेद भूसी होती है। जिसे ईसबगोल भूसी कहते हैं। इसके पौधे में भूसी आ जाने पर इस पौधे को काट लिया जाता है। इसके बाद ईसबगोल के पौधे को धूप में सुखाकर उस बालियों से ईसबगोल के बीज को अलग करते हैं। भूसी को अलग करने के लिए इसे 5 से 6 बार पीसा जाता है। आयुर्वेद में स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियों में ईसबगोल की भूसी के अलावा इसकी पत्तियों और फूलों का भी इस्तेमाल किया जाता है। ईसबगोल का वानस्पतिक नाम प्लांटागो ओवाटा (Plantago ovata) है।

आयुर्वेद में पारंपरिक तौर पर ईसबगोल का प्रयोग कब्ज से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। यह औषधीय गुणों से प्रचुर होती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से राहत दिलाने और बचाने का काम करते हैं। ईसबगोल की भूसी  कब्ज, पेचिश, डायरिया, कमजोर इम्यूनिटी, उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल, हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, अल्सर और सूजन जैसी बीमारियों के इलाज में फायदा करती है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम और फैटी एसिड अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं। इसलिए इसको वजन घटाने, पाचन प्रणाली को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

 
ईसबगोल के फायदे-
कब्ज के लिए फायदेमंद-

कब्ज से राहत दिलाने में ईसबगोल का सेवन अच्छा होता है। दरअसल ईसबगोल  में लैक्सेटिव एसिड पाया जाता है। इसके अतिरिक्त ईसबगोल में घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर पाए जाते हैं। जो कब्ज को ठीक करने में बहुत फायदेमंद होती है। ईसबगोल पाचन तंत्र से पानी को अवशोषित करता है। साथ ही मल त्यागने की क्रिया को आसान बनाता है।

 
डायरिया में सहायक-

ईसबगोल में पानी-अवशोषक एजेंट के गुण पाया जाता है। जो डायरिया से राहत दिलाने में भी बहुत फायदेमंद होता है। यह मल को सख्त और मोटा बनाने का काम करता है। इसके लिए दो चम्मच ईसबगोल को दही में मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें। ऐसा करने से डायरिया की समस्या दूर होती है।

 
पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक-

स्वस्थ्य शरीर के लिए पाचन तंत्र का ठीक रहना जरूरी होता है। इसमें किसी भी प्रकार की खराबी या गड़बड़ी होने से शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। जिससे शरीर तमाम बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। ईसबगोल की भूसी पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है साथ ही खराब पाचन तंत्र को ठीक करने में मदद करती है। ईसबगोल का सेवन करना अच्छा रहता है।

 
वजन को कम करने के लिए-

ईसबगोल में प्रोटीन एवं फाइबर होता है। जो मोटापे को कम करने में मदद करता है। दरअसल ईसबगोल में मौजूद प्रोटीन एवं फाइबर वसा के जमाव को रोककर चयापचय में सुधार करता है। साथ ही यह शरीर को डीटॉक्स (पेट को) और वजन कम करने में भी सहायक होता है। इस प्रकार किए गए शोध से पता चलता है कि ईसबगोल में मौजूद हाई फाइबर भूख के एहसास को कम करके वजन कम करने में मदद करता है। इसलिए वजन कम करने के लिए हमें नियमित रूप से ईसबगोल का सेवन करना चाहिए।

 
डायबिटीज एवं उच्च रक्तचाप में लाभप्रद-

ईसबगोल डायबिटीज और उच्च रक्तचाप की समस्या में भी लाभप्रद होते हैं। एक शोध से पता चलता है कि ईसबगोल में मौजूद फाइबर, अनसैचुरेटेड फैटी एसिड संयुक्त रूप से बढ़े हुए ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा ईसबगोल में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम और प्रोटीन के अधिकता के कारण यह बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती हैं। इसलिए ईसबगोल का सेवन इस रोग के इलाज में पौष्टिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

 
हृदय के लिए फायदेमंद-

एक अध्ययन से पता चलता है कि वसा में घुलनशील फाइबर युक्त आहार लेने से शरीर में ट्राईग्लिसराइड का स्तर कम होता है। जिससे हृदय रोगों का खतरा कम रहता है। ऐसे में हृदय को स्वस्थ रखने में ईसबगोल बहुत लाभप्रद होता है। क्योंकि इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है। जो दिल की धामियों को स्वस्थ रखने में सहायता करता है। इसलिए ईसबगोल का सेवन करने से हृदय सम्बंधित तमाम परेशनियां जैसे अनियमित दिल का धड़कना और हार्ट ब्लॉकेज आदि का खतरा कम हो जाता है।

 
आतों और उत्सर्जन प्रणाली को सुधारने में सहायक-

ईसबगोल में मौजूद फाइबर आंत से संबंधित समस्याओं को ठीक करने और रोकने में मदद करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक  ईसबगोल  का सेवन करने से आंत में पानी की मात्रा बढ़ती है। जिससे मल त्यागने में आसानी होती है। साथ ही आंत एवं उत्सर्जन तंत्र की सही कार्यप्रणाली सुनिश्चित होती है। इस प्रकार ईसबगोल की भूसी का सेवन आंत और उत्सर्जन प्रणाली की समस्या से बचाव में सहायक होता है।

 
ईसबगोल के उपयोग-
  • ईसबगोल को पानी में भिगोंकर सेवन किया जाता है।
  • इसे दही में मिलाकर भी सेवन किया जाता है।
  • इसको त्रिफला पाउडर के साथ मिलाकर भी सेवन किया जाता है।
ईसबगोल के नुकसान-
  • चूंकि ईसबगोल में अधिक फाइबर होता है। इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में दर्द, सूजन और गैस की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • जिन लोगों का ब्लड शुगर लो हैं। उन्हें इसके सेवन से बचाना चाहिए।
  • किसी को निगलने में कठिनाई या आतों की समस्या है। उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए।
  • ईसबगोल का लंबे समय तक सेवन करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
  • इसका लगातार सेवन करने से पेट हर समय भरा-भरा सा महसूस होता है। ऐसे में भूख न लगने की समस्या हो सकती है।
  • ईसबगोल का प्रयोग गर्भावस्था और स्तनपान करने वाली महिलाओं को नहीं करनी चाहिए।

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