ठंड में त्वचा के रूखेपन को दूर करने के अनोखे आयुर्वेदिक रहस्य
2026-01-08 00:00:00
सर्दी का मौसम जहाँ सुकून और ताजगी लेकर आता है, वहीं त्वचा के लिए कई चुनौतियाँ भी खड़ी कर देता है। ठंडी हवा, कम नमी और गरम पानी का अधिक प्रयोग त्वचा की प्राकृतिक नमी जिसे हम नेचुरल स्किन सीरम को छीन लेता है, जिससे त्वचा रूखी, बेजान और कभी-कभी फटी हुई दिखाई देने लगती है।
आयुर्वेद इस समस्या को केवल बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक असंतुलन मानता है और जड़ से समाधान प्रस्तुत करता है। आयुर्वेद के अनुसार त्वचा का रूखापन क्यों बढ़ता है?
आयुर्वेद में ठंड के मौसम में वात दोष बढ़ जाता है। वात का स्वभाव ही रूखा, शुष्क और ठंडा होता है। जब वात असंतुलित होता है, तो उसका सीधा प्रभाव त्वचा पर पड़ता है—
- नमी की कमी
- खिंचाव
- खुजली
- फटना
इसलिए आयुर्वेद में स्निग्धता, ऊष्णता और पोषण पर विशेष बल दिया गया है।
1. अभ्यंग: आयुर्वेद का सबसे प्रभावी रहस्य
अभ्यंग यानी तेल से शरीर की मालिश। सर्दियों में प्रतिदिन या सप्ताह में कम से कम 3–4 बार गुनगुने तिल तेल या नारियल तेल से मालिश करें।
लाभ:
- त्वचा की गहरी परतों तक पोषण
- रूखापन और खिंचाव में कमी
- त्वचा कोमल और चमकदार
2.घृत प्रयोग: त्वचा के लिए अमृत
शुद्ध देसी घी को आयुर्वेद में सर्वोत्तम स्निग्ध पदार्थ माना गया है। रात में सोने से पहले चेहरे, होंठ, हाथों और एड़ियों पर हल्का सा घी लगाएँ।
लाभ:
- फटी त्वचा में शीघ्र लाभ
- प्राकृतिक चमक
- दीर्घकालिक नमी
3.एलोवेरा और गुलाब जल का लेप
एलोवेरा त्वचा को ठंडक देता है, जबकि गुलाब जल उसे संतुलित करता है। दोनों को मिलाकर चेहरे पर 15–20 मिनट लगाएँ।
लाभ:
- त्वचा की नमी बनी रहती है
- जलन व रूखापन कम होता है
- त्वचा तरोताज़ा दिखती है
4.आहार द्वारा त्वचा का पोषण
आयुर्वेद कहता है— “जैसा आहार, वैसी त्वचा”। सर्दियों में रूखी त्वचा से बचने के लिए आहार में शामिल करें: घी तिल और तिल का लड्डू बादाम, अखरोट दूध व दूध से बने पदार्थ मौसमी फल और सब्ज़ियाँ
लाभ:
- अंदरूनी स्निग्धता
- त्वचा की प्राकृतिक कांति में वृद्धि
5.गुनगुना पानी और हर्बल काढ़ा
ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन पानी की कमी त्वचा को रूखा बना देती है। दिनभर गुनगुना पानी पिएँ और कभी-कभी सौंठ या तुलसी का काढ़ा लें।
लाभ:
- शरीर का आंतरिक संतुलन
- त्वचा की नमी सुरक्षित
6.रसायनयुक्त उत्पादों से दूरी
तेज केमिकल युक्त साबुन और फेसवॉश त्वचा की प्राकृतिक तैलीय परत को नष्ट कर देते हैं। आयुर्वेदिक या माइल्ड क्लेंजर का प्रयोग करें।
लाभ:
- त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा बनी रहती है
- रूखापन बढ़ने से बचाव.