नवरात्रि में उपवास करने वाले डायबिटीज के मरीज इन 5 तरीकों की मदद से रख सकते हैं अपनी सेहत का ख्याल
07 October, 2024
नवरात्रि के 9 दिनों में भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए उनके नौ स्वरूपों का पूजन तो करते ही हैं इसके साथ ही व्रत भी रखते हैं. हालांकि नवरात्रि पर मां के लिए मन में आस्था तो होती ही है लेकिन व्रत के साथ ही सेहत का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है खासकर उन भक्तों को जो डायबिटीज के पेशेंट है. हम यहाँ आपको 5 ऐसे तरीके बता रहे हैं जिनकी मदद से आप नवरात्रि के उपवास के साथ अपनी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रख सकते हैं:-
छोटी-छोटी और हेल्दी मील लें
फास्टिंग के दौरान खाने की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। आमतौर पर लंबे समय तक भूखे रहने के बाद खाना खाते वक़्त मात्रा पर नियंत्रण पाना मुश्किल होता है। इसलिए जब आप अपना उपवास तोड़ती हैं तो ज़्यादा न खाएं, क्योंकि इससे रक्त शर्करा बढ़ सकता है। आप चाहें तो खाने से पहले पानी पी सकती हैं।
कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट चुनें
सिंघाड़ा और कुट्टू के आटे जैसे कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट पर ध्यान दें। इन खाद्य पदार्थों में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और ये रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।
हाइड्रेटेड रहें
डायबिटीज में नौ दिनों के लंबे उपवास के दौरान हाइड्रेशन पर ध्यान देना बेहद जरुरी हो जाता है। हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, क्योंकि डिहाइड्रेशन से ब्लड शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है।
प्रोटीन के लिए नट्स और सीड्स लें
उपवास के दौरान ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने के लिए भरा हुआ महसूस करना जरुरी है, इसके लिए अपने भोजन में कम फैट वाले डेयरी, नट्स और बीज जैसे प्रोटीन के स्रोत शामिल करने चाहिए।
ब्लड शुगर लेवल की नियमित जांच है जरुरी
व्रत के दौरान ब्लड शुगर लेवल में अचानक से बदलाव आ सकता है, ऐसे में परेशानी से बचने के लिए रोजाना सुबह-शाम या कमजोरी महसूस होने, चक्कर और पसीना आने या किसी भी प्रकार से अनकम्फर्टेबले महसूस होने पर ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूर करें। अपने ब्लड शुगर लेवल को नियमित रूप से जांचें। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे लक्ष्य सीमा के भीतर हैं। ज़रूरत पड़ने पर अपने उपवास की योजना में बदलाव करें।
